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नागरिक अधिकार पत्र

राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड
बीज भवन, पूसा परिसर, नई दिल्ली 110 012
फ़ोन नंबर : 25841379, 25842383, 25846272, 25846292,
फैक्स : 91-011-25846462
मेल : www.indiaseeds.com

राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड

प्राक्कथन

मुक्त बाजार की परिस्थितियों के अन्तर्गत कारोबार करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान के नाते राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड ने अपने नागरिक अधिकार पत्र का डिजायन इस तरह तैयार किया है कि कृषक समुदाय को बढि़या किस्म के बीज उपलब्ध करवाने पर अपना पूरा ध्यान केन्द्रित करके समग्र ग्राहक संतुष्टि की प्राप्ति की जा सके और इसे कायम रखा जा सके। वर्तमान में, एनएससी 60 फसलों की लगभग 600 किस्मों के बीजों का उत्पादन अपने पंजीकृत बीज उत्पादकों के माध्यम से कर रही है। देश भर में एनएससी के लगभग 8000 पंजीकृत बीज उत्पादक हैं, जोकि विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों में बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार एनएससी के नागरिक अधिकार पत्र की महत्त्वपूर्ण विषयवस्तु को संक्षेप में कहा जा सकता है कि समग्र गुणवत्ता प्रबन्ध सिद्धान्तों को अपनाते हुए बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण की सभी प्रक्रियाओं में ग्राहकों / किसानों की संतुष्टि पर अपना ध्यान केन्द्रित करते हुए कार्य करना और इस प्रकार यह सुनिश्चित करना कि:

  • शीर्ष प्रबन्धन की वचनबद्धता एवं भागीदारिता;
  • सभी बीज उत्पादकों, बीज विक्रेता / वितरक चैनलों, आपूर्ति श्रृंखला को शामिल करते हुए प्रभावी ग्राहक संबंध प्रबन्धन, ग्राहक संतुष्टि प्रबन्धन, शिकायत निवारण तथा ग्राहकों की शिकायतें तथा ग्राहकों से होने वाले विभिन्न प्रकार के सम्प्रेषणों पर ध्यान देना तथा शिकायतें दूर करने उपाय करना;
  • कार्मिक सम्प्रेषण एवं आपूर्तिकर्त्ता सम्प्रेषण के लिए समुचित सम्प्रेषण कार्यनीति के माध्यम से ग्राहकों की आवश्यकताओं पर प्रभावी रूप से ध्यान देना;
  • बीज प्रबन्धन की स्थापना एवं परिचालन;
  • निगमित बैवसाईट पर नागरिक अधिकार पत्र प्रकाशित करके अपने व्यापारिक कार्यकलापों में पारदर्शिता तथा खुलापन प्रदर्शित करना;

हमें पूरा विश्वास है कि अच्छे निगमित नागरिक के रूप में एनएससी की छवि को सुनिश्चित करने और इसमें और सुधार करने के कार्य में लगे सभी कार्मिक इस नागरिक अधिकार पत्र की मूल भावना को हृदयगंम करके और इसे प्रभावी रूप से लागू करके अपना सहयोग प्रदान करेंगे।

अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक

 

नागरिक अधिकार पत्र

कम्पनी

राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में कृषि मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अन्तर्गत अनुसूची 'बी' - मिनी रत्न कैटेगरी - । कम्पनी है। एनएससी की स्थापना 1963 में आधारीय एवं प्रमाणित बीजों के उत्पादन कार्य के लिए की गई थी। वर्तमान में, एनएससी 60 फसलों की लगभग 600 किस्मों के बीजों का उत्पादन अपने पंजीकृत बीज उत्पादकों के माध्यम से कर रही है। देश भर में एनएससी के लगभग 8000 पंजीकृत बीज उत्पादक हैं, जोकि विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों में बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में कम्पनी का कारोबार लगभग रु.805/- करोड़ का है।

निगम का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसके अतिरिक्त राज्यों की राजधानियों में 10 क्षेत्रीय कार्यालय, 07 फार्म और देश भर में विभिन्न स्थानों पर 73 प्रक्षेत्र कार्यालय स्थित हैं। एनएससी के विभिन्न कार्यालयों के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में स्थित होने के कारण इसे किसी भी प्रकार के बीजों की आपूर्ति की मांग को पूरा करने हेतु बीज उत्पादन के लिए सर्वोत्तम कृषि जलवायु परिस्थितियों का लाभ प्राप्त है। अपने व्यावसायिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने तथा तकनीकी प्रगति के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए निगम के पास योग्यताप्राप्त एवं अनुभवी कार्मिकों की प्रेरणास्फूर्त टीम है। निगम देश के बीज उत्पादन-विपणन इत्यादि से संबंधित विभिन्न कार्मिकों के ज्ञान को नवीकृत करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है।

एनएससी ने भारतीय बीज उद्योग के वैज्ञानिक आधार पर विकास करने में अग्रणी भूमिका निभाही है, इसके अन्तर्गत इसने विभिन्न राज्यों में राज्य बीज निगमों तथा बीज प्रमाणीकरण अधिकरणों की स्थापना और बीज प्रमाणीकरण मानकों लिपिबद्ध करने में सहयोग दिया है। एनएससी के द्वारा पैदा किया गए सभी बीजों का गुणवत्ता मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया जाता है और आन्तरिक गुणवत्ता नियंत्रण उपायों के तहत इसके अपने गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में इनका परीक्षण किया जाता है। बीजों के उत्पादन के दौरान खेतों में ही इनका निरीक्षण किया जाता है और विभिन्न राज्यों के राज्य बीज निगमों के द्वारा, जोकि विभिन्न राज्य सरकारों के नियंत्रण में स्वतंत्र निकाय होते हैं, इनका प्रमाणीकरण के लिए परीक्षण किया जाता है। गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और वितरण के अतिरिक्त एनएससी कैले जैसे पौधों के टिश्यु कल्चर पौध के उत्पादन और अपने ऐसे साझेदारों, जिनके साथ एनएससी ने समझौता ज्ञापन किया हुआ है, से फलों के बीजू पौध / बालवृक्ष खरीद कर आपूर्ति करता है।

लक्ष्य

देश में गुणवत्ता वाले बीजों की मांग को पूरा करना।

स्वप्न

विविध प्रकार की फसलों की विभिन्न किस्मों के तथा संकर प्रजातियों के गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन तथा विपणन द्वारा तथा किसानों की आवश्यकता के अन्य कृषि आदानों तथा सेवाओं को मुहैया कराके भारतीय बीज उद्योग का नेतृत्व करना।

मिशन

गुणवत्ता वाले बीज तथा अन्य कृषि आदानों / सेवाओं की आपूर्ति द्वारा किसानों की समृद्धि में योगदान देना तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना।

मुख्य उद्देश्य

  1. निगम के कार्यकलापों में वृद्धि सुनिश्चत करना।
  2. देश में कृषि उत्पादकता में वृद्धि के लिए गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन तथा आपूर्ति करना।
  3. तिलहन, दलहन और संकर बीजों पर मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित करते हुए उत्पाद - मिश्रण में विविधता लाना।
  4. नई फसल किस्मों को आरम्भ करना।
  5. आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ तथा आधुनिकीकृत करना।
  6. बीज उत्पादन एवं बीज संसाधन और लगातार बढ़ते हुए बीज उत्पादकों के नेटवर्क और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी के माध्यम से विपणन में वृद्धि करना।
  7. वितरण के नये माध्यमों का पता लगाना और वितरण के वर्तमान नेटवर्क को सुदृढ़ करना।
  8. किसानों के लिए प्रशिक्षण / प्रसार शिक्षा की व्यवस्था करना तथा बीज से संबंधित अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाना।

इन उद्देश्यों की प्राप्ति निगम के सभी महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक इकाइयों में आईएसओ 9001:2008 और आईएसओ 14001:2008 आधारित गुणवत्ता तथा पर्यावरण प्रबन्ध पद्धति की स्थापना करके, अनुपालन करके, इन्हें बनाये रखकर तथा इनमें सतत सुधार लाकर की जाती है।

कम्पनी द्वारा किये जाने वाला व्यवसाय

कम्पनी मुख्य रूप से राष्ट्र के कृषक समुदाय की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने का काम करता है। इसमें गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन एवं वितरण शामिल है।

राष्ट्रीय महत्ता के कार्यकलाप / परियोजना

(क) 'निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन को बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता पर केन्द्रीय सैक्टर योजना' के कार्यान्वयन के लिए कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा एनएससी को नोडल एजेन्सी नामित किया गया है। इस योजना का लक्ष्य बीज उत्पादन बढ़ाना है, इसके लिए निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता देकर बीज प्रतिस्थापन दर में वृद्धि का प्रयास किया जाता है, विशेषकर अधिक स्थान घेरने तथा कम मूल्य वाले बीजों के। भारत सरकार द्वारा बीज संसाधन संबंधी आधारभूत संरचना की प्रत्येक इकाई की स्थापना के लिए परियोजना लागत की 25 प्रतिशत की दर से लेकिन अधिकतम रु.25.00 लाख तक क्रेडिट लिंक्ड बैक एण्डिड पूंजीगत आर्थिक सहायता दी जाती है।

(ख) भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम), तिलहन, दलहन, ऑयल पाम और मक्का की समेकित योजना (आईसोपॉम) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के कारण गुणवत्ता वाले बीजों की मांग बढ़ रही है, जिन्हें निगम समुचित मूल्य पर उपलब्ध करवा रहा है। इस प्रकार भारत सरकार के उल्लिखित योजनाओं के कार्यान्वयन में एनएससी एक अहम भूमिका अदा कर रहा है।

ग्राहकों के प्रकार और उनका विवरण

वस्तुत:, एनएससी के ग्राहक देशभर में फैले हुए हैंै। इसके मुख्य ग्राहक हैं - किसान, बीज उत्पादक, बीज विक्रेता एवं बीज वितरक, राज्य बीज निगम, केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारें।

एनएससी द्वारा प्रदत्त सेवाएं

कम्पनी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में गुणवत्ता बीजों का उत्पादन एवं उनका समुचित मूल्य पर वितरण और किसानों को प्रशिक्षण शामिल हैं। सामान्यतया, ग्राहकों की आवश्यकताओं का ध्यानपूर्वक विश्लेषण किया जाता है। कम्पनी का कारोबार इस प्रकृति का है कि इसका किसानों / बीज उत्पादकों अथवा नागरिकों के साथ सीधा सम्पर्क रहता है। तथापि, कम्पनी के लिए अपने निगमित सामाजित उत्तरदायित्व योजना के अन्तर्गत इस प्रकार के सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन को सुनिश्चित करना आवश्यक होता है।

ग्राहकों की अपेक्षाएं

ग्राहकों की अपेक्षाओं के बारे में सामान्यतया बीज उत्पादकों के द्वारा बीजों के उत्पादन तथा बीज विक्रेताओं तथा बीज वितरकों के साथ बीज वितरण के लिए किए जाने वाले अनुबन्धों में उल्लेख किया जाता है। किसी भी प्रकार की संदिग्धता को आईएसओ 9001:2008 गुणवत्ता प्रबन्ध सिस्टम के अनुसार स्थापित, कार्यान्वयित तथा संपोषित 'समीक्षा' तंत्र द्वारा हल किया जाता है।


ग्राहक संतुष्टि को सुनिश्चित करना

समग्र ग्राहक सन्तुष्टि को सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित पहलात्मक कदम उठाए गए हैं। कम्पनी के विभिन्न व्यावसायिक क्रियाकलाप ग्राहकों के सुस्पष्ट तथा निहित अपेक्षाओं को पूरा करने के एकमात्र उद्देश्य को ध्यान में रख कर परिभाषित और व्यवस्थापित किए गए हैं। आईएसओ 9001:2008 पर आधारित गुणवत्ता प्रबन्धन कार्यकलाप सामान्यतया निवारण उन्मुख होते हैं। निगम का कार्य बीजों का उत्पादन, संसाधन एवं विपणन है। एनएससी के कार्यकलाप के संदर्भ में इसके ग्राहक बीज उत्पादक, किसान, बीज विक्रेता, सहकारिता अभिकरण, प्रोद्यौगिकी साझेदार तथा अन्य पणधारी हैं।

एनएससी द्वारा आपूरित किए जाने वाले बीजों और दी जाने वाली सेवाओं के संदर्भ में ग्राहकों की संतुष्टि का आंकलन निम्नलिखित जैसे कार्यकलापों के माध्यम से किया जाता है :

• ग्राहकों के साथ बैठकें करना और उनके साथ व्यक्तिगत सम्पर्क करना;
• ग्राहकों की तकलीफें और उनकी शिकायतें सुनना और उनके दूर करने के लिए सुझाव देना;
• सेवाओं के विविध पहलुओं से सम्बद्ध सुसंरचित प्रश्नावलियों के माध्यम से ग्राहकों की अनुभूति का आंकलन किया जाता है।

सभी क्षेत्रीय प्रबन्धकों को ग्राहकों की अनुभूति के समग्र आकलन की सूचना देने वाले किसी भी या सभी साधनों और दस्तावेजों के आधार पर ग्राहकों की अनुभूति के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इस जानकारी के आधार पर ऐसे क्षेत्रों का पहचान कर जहां सुधार की आवश्यकता हो आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सुधार की संभावनाओं का पता लगाया जाना चाहिए।

एनएससी के संबंध में प्राप्त प्रतिपुष्टि एवं शिकायतों पर उसकी गम्भीरता के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए। शीघ्र कार्रवाई के लिए इनका तत्परता से विश्लेषण और जांच की जानी चाहिए। एनएससी द्वारा प्रदत्त सेवाओं के संबंध में ग्राहकों की अनुभूति के निर्धारण के लिए, बीज उत्पादकों, बीज विक्रेताओं के साथ बैठक करके तथा प्रतिपुष्टि और प्रश्नावलियों, इत्यादि के माध्यम से अथवा ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण करवाने के लिए बाह्य अभिकरण की सेवायें लेकर, व्यवहार्य प्रयत्न किए जाने चाहिए। ग्राहकों की संतुष्टि की माप दो प्रमुख तरीकों से की जा सकती है:
* ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण,
* ग्राहकों की शिकायतों पर कार्रवाई।

ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण

ग्राहकों को बीज बेचते समय सुसंरचित प्रश्नावलियां भेज कर तथा एनएससी द्वारा प्रदत्त उत्पादों एवं सेवाओं के बारे में ग्राहकों के विचार जानकर ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण किया जाता है। विविध महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक इकाईयों द्वारा एकत्र आंकड़ों का निगम के विपणन एवं गुण नियंत्रण विभागों द्वारा विश्लेषण किया जाता है। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार और निगम के बीच हस्ताक्षिरत हुए समझौता ज्ञापन में चूंकि ग्राहकों की सन्तुष्टि एक परिमापक है, अत: समय-समय पर इसका आंकलन करवा कर इसकी आन्तरिक समीक्षा की जाती है और सरकार द्वारा भी उच्च स्तर पर इसकी समीक्षा की जाती है। सतत सुधार की प्रक्रिया को चलाये रखने के लिए इन समीक्षाओं के परिणामों के आधार पर व्यवस्था तथा कार्यप्रक्रिया को अद्यतन किया जाता है। ग्राहकों की संतुष्टि को सुनिश्चित करने के लिए निगम अन्य पक्ष के द्वारा ग्राहक संतुष्टि संबंधी अध्ययन करवाकर अपने मानकों का मूल्यांकन करता है और अन्य पक्ष की सिफारिशों को निगम के हित में लागू भी करता है।

ग्राहकों की शिकायतों पर कार्रवाई करना

यह एक महत्त्वपूर्ण कार्य है, जिसे एनएससी अपनी स्थापना के समय से ही कर रही है। इसमें समय पर अनुक्रिया करना तथा सुधारात्मक / निवारक कार्रवाई करना शामिल है। शिकायतों पर अधिक व्यवस्थित रूप से कार्रवाई करने के लिए कम्पनी में एक व्यापक और स्पष्ट से लेखबद्ध व्यवस्था लागू की गई है। लम्बित शिकायतों की संख्या और कितने समय से ये लम्बित है और इन पर कार्रवाई पूरी करने पर लगने वाले समय चक्र पर लगातार निगरानी रखी जाती है और इसके तेजी से निपटान को सुनिश्चित करने के लिए गुण नियंत्रण विभाग के अध्यक्ष द्वारा इसकी नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। निगम ने ग्राहको की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं देखें दिनांक 18 फरवरी, 2011 का पत्र संख्या:8(विविध)/10-11-सीएस/एनएससी।

शिकायतों पर कार्रवाई करने की पद्धति

ग्राहकों की लिखित व फोन पर प्राप्त शिकायतों पर समय पर अनुक्रिया करने तथा उनके समाधान के लिए प्रक्षेत्र कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय तथा मुख्यालय स्तर पर व्यवस्थित रूप से कार्रवाई की जाती है। ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा उनकी संतुष्टि के अनुसार करते हुए इन ग्राहकों से इस आशय की टिप्पणी लिखवा ली जाती है, जिसका उपयोग निगम के उत्पाद व इसके द्वारा प्रदत्त सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। शिकायतों की वर्तमान स्थिति की जानकारी नियमित अन्तराल पर प्रक्षेत्र / क्षेत्रीय कार्यालयों को दी जाती है ताकि इनकी समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक / निवारक कार्रवाई की जा सके। आईएसओ 9001:2008 गुणवत्ता प्रबन्धक पद्धति के अनुसार 'प्रबन्धकीय समीक्षा' के अन्तर्गत अनिवार्य आवश्यकताओं के अनुसार 'ग्राहकों की शिकायतों की अवस्थिति' पर जोर दिया जाता है।

प्रयोक्ताओं का प्रशिक्षण एवं शिक्षा

गुणवत्ता युक्त बीजों के उत्पाद के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए, जब भी आवश्यकता होती है प्रकार्यात्मक तथा तकनीकी दोनों स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सतत प्रशिक्षण से ग्राहक आपूरित बीजों की सूक्ष्म लक्षणों को समझने, गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन में प्रयोग में लाई जाने वाली तकनीक की सराहना करने और किए गए निवेश से सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करने के योग्य हो जाते हैं।

शिकायत निवारण तंत्र

चूंकि कम्पनी के उत्पाद और इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं मूलत: किसानों / बीज उत्पादकों के लिए होती हैं, अत: अन्तिम प्रयोक्ताओं की शिकायतें ग्राहक शिकायतों के रूप में प्रादुर्भूत होती हैं। कम्पनी इसका हल निगम द्वारा कार्यरूप में लाये गए समुचित शिकायत निवारण पद्धति के माध्यम से कर रही है।

इन्टरनैट पर सूचना

कम्पनी की एक वैबसाईट है, जिसमें कम्पनी और इसके उत्पादों तथा इसके द्वारा प्रदत्त सेवाओं से सम्बद्ध सभी संगत जानकारी दी जाती है। इसके अतिरिक्त वैबसाईट पर देशभर में स्थित एनएससी के प्रक्षेत्र / क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से और अधिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवायी जाती है।

आन्तरिक सम्प्रेषण

आदेश के निष्पादन से पूर्व ग्राहकों की आवश्यकताओं, विभिन्न आन्तरिक प्रक्रियाओं के दौरान लिए गए सुधारात्मक और निवारक कार्रवाईयों के विवरण, ग्राहकों की शिकायतों पर की गई कार्रवाईयों के परिणाम, किसानों और बीज उत्पादकों के साथ हुई बैठकों / मुलाकातों के दौरान लिए गए निर्णयों इत्यादि को समुचित रूप से संकलित किया जाता है और सभी सम्बन्धित कार्मिकों को इसकी सूचना तत्परता से दी जाती है ताकि कार्य प्रक्रिया के निष्पादन में सुधार लाने में सुविधा हो और इससे ग्राहकों की सन्तुष्टि में वृद्धि हो।

चार्टर की समीक्षा

चार्टर की प्रभावशीलता और सतत प्रासंगिकता को सत्यापित करने के लिए प्रभावी निष्पादन और निगरानी के साथ इसकी आवधिक समीक्षा की जाती है। इसके सफलतापूर्वक निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत प्रचार करके तथा औपचारिक प्रशिक्षण देकर सभी कार्मिकों को इस चार्टर केे प्रभावी क्रियान्वयन और इसमें सतत सुधार के लिए उन्हें उनकी भूमिका से परिचित करवाया जाता है।

चार्टर की सतत प्रासंगिकता को सुनिश्चित करने तथा इसे अद्यतन बनाए रखने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समय - समय पर इसकी प्रबन्ध द्वारा समीक्षा की जाती है। इस समीक्षा के अन्तराल की अवधि का निर्णय सम्बद्ध विभागों और उनके उत्पादों और प्रदत्त सेवाओं की प्रकृति और जटिलता पर निर्भर करता है। तथापि, निगमित स्तर पर वर्ष में कम से कम एक बार समीक्षा अवश्य की जाती है। जहां पर इस चार्टर या इसके किसी भी भाग के क्रियान्वयन में एनएससी के प्रबन्ध या कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अभिकरणों का हाथ होता है, तो सम्बद्ध अभिकरण को तदनुसार सम्प्रेषित कर दिया जाता है और एक समुचित अनुवर्ती तंत्र को, जैसा उचित हो, परिभाषाबद्ध कर सम्प्रेषित कर दिया जाता है।

वैबसाईट पर चार्टर

एनएससी के चार्टर तक सभी सम्बद्धों तथा इच्छुक व्यक्तियों की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए इसे कम्पनी की वैबसाईट www.indiaseeds.com पर उपलब्ध करवाया गया है।

नागरिक अधिकार पत्र के लिए नोडल अधिकारी

नागरिक अधिकारी पत्र संबंधी सभी मामलों पर कार्रवाई करने के लिए व. महा प्रबन्धक (मा. स.) का पदनामित किया गया है। उनका पता है - राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड, बीज भवन, पूसा परिसर, नई दिल्ली - 110012 ; फोन - 011-25849515 ; ईमेल - binod.b.saw@gmail.com .

 
Working since 1963, under the control of the Ministry of Agriculture of Government of India.
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बीज भवन, पूसा परिसर,
नई दिल्ली 110 012, भारत

फ़ोन नंबर :
91 011 25846292, 25846295, 25842672,
25841379, 25842383, 25843357, 25842460
फैक्स: +91 11 25846462, 25842904
मेल : nsc@indiaseeds.com
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